Voltage kya hai

Voltage kya hai. वोल्टेज क्या है।

Voltage. एक प्रकार का बल है जिसके कारण आवेशों का प्रवाह होता है तथा सर्किट में विधुत धारा प्रवाहित होने लगती हैं। Voltage वोल्टेज को हिंदी में तनाव या खिंचाव या विधुत दाब भी कहा जाता है।

Voltage. एक ऐसा बल जो किसी विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉन को धक्का लगाने का काम करता है, उसे वोल्टेज (Voltage) कहते हैं।
वोल्टेज के कारण विद्युत धारा एक परिपथ से दूसरे परिपथ में प्रवाहित होती है, इसको अंग्रेजी के ‘V’

वोल्ट (प्रतीक: V), विद्युत विभव, विभवान्तर और विद्युतवाहक बल की व्युत्पन्न इकाई है। इस ईकाई का नाम (वोल्ट) इटली के भौतिक विज्ञानी अलसान्द्रों वोल्टा (1745-1827) के सम्मान में रखा गया है जिसने वोल्टेइक पाइल का आविष्कार किया, जिसे पहली रासायनिक बैटरी कह सकते हैं।

वोल्टेज एक अदिश मात्रा है; इसकी दिशा नहीं है। ओम का नियम कहता है कि वोल्टेज वर्तमान समय के प्रतिरोध के बराबर है।

वोल्टेज क्या है ? अर्थात दो बिंदुओ के मध्य पोटेंशियल के अंतर को वोल्टेज कहते है। इसे electo motiv force (emf) भी कहते है । इसमें इलेक्ट्रॉन को गतिमान करने की क्षमता होती हैं।

वोल्टेज कितने प्रकार के होते है ? Voltage type.

वोल्टेज दो प्रकार के होते है :- (1) DC वोल्टेज (2) AC वोल्टेज

DC वोल्टेज की दिशा समय के साथ स्थिर रहती हैं जबकि AC वोल्टेज की दिशा समय के साथ परिवर्तित होती हैं।

वोल्टेज का सूत्र

किसी विधुत परिपथ में वोल्टेज क्या है ज्ञात करने के लिए हम निम्न सूत्रों का उपयोग करते है।

वोल्टेज का सूत्र:- (1) V = IR (2) V = P/I (3) V² = PR

वोल्टेज का मात्रक

वोल्टेज का SI मात्रक वोल्ट होता है। इसे ‘V’ से दर्शाते है यही वोल्टेज का SI मात्रक होता है । इसे emf से भी जानते है।

वोल्टेज की इकाई क्या है ?

वोल्टेज की इकाई वोल्ट होती हैं। विधुत विभव , विभांतर भी कहते है।

वोल्टेज केसे मापा जाता है ?

वोल्टेज को निम्न से मापा जाता हैं :- (1) वोल्टमीटर (2) पोटेंशियोमीटर से (3) oscilloscope से

1 वोल्ट क्या है ? 1 वोल्ट किसे कहते है ?

1 वोल्ट क्या है :- जब 1 ओम प्रतिरोध वाले चालक से 1 एम्पियर की विधुत धारा प्रवाहित हो तो चालक के शीरो पर उत्पन्न विभांतर का मान 1 वोल्ट होता है।

वोल्टेज के बारे में अधिक जानकारी

वोल्टेज का विद्युत परिपथ में बहुत बड़ा महत्व होता है, क्योंकि वोल्टेज जब तक इलेक्ट्रॉन को धक्का नहीं लगाएगा। तब तक विद्युत धारा एक परिपथ से दूसरे परिपथ में प्रवाहित नहीं होगी।
जब तक विद्युत धारा एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं जाऐगी, तब तक वह किसी काम की नहीं होगी।
दोस्तों, वोल्टेज का मान श्रेणीक्रम व समांतर क्रम में अलग-अलग होता है। यदि सर्किट में लोड (विद्युत उपकरण) को समांतर क्रम में जोड़ा जाए, तो उस सर्किट में प्रत्येक लोड पर वोल्टेज का मान समान होगा। यदि सर्किट में लोड (विद्युत उपकरण) को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए, तो उस सर्किट में प्रत्येक लोड पर वोल्टेज का मान अलग-अलग होगा।
वोल्टेज को मापने के लिए वोल्टमीटर का उपयोग किया जाता है।
ए.सी. सर्किट में फेज तथा न्यूट्रल तारों के बीच तथा डी.सी. सर्किट में पॉजिटिव तथा निगेटिव तारों के बीच समांतर क्रम में जोड़कर वोल्टेज का मान ज्ञात‌ किया जाता है
हमारे घरों में सभी उपकरण समांतर क्रम में जुड़े होते हैं, इसलिए सभी जगह समान वोल्टेज मिलते हैं।

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